Monday, March 4, 2013

jangal ki aag hai palash




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रथयात्रा और राम-जानकी दर्शन की एक याद

एक सुबह जब मैं उठी, बहुत ही सुहावना मौसम था मन कर रहा था फिर सो जाऊँ। तब-तक सोती रहूँ जब-तक कि माँ के डाँटने की आवाज न आने लगे। अभी...