Thursday, June 20, 2013
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मेहंदी है तो रंगेगी ही
आज से तीन साल पहले सुनील शर्मा जी हमारे अपार्टमेंट में कुछ पौधे लगा रहे थे। उन्हें पौधे लगाने का जुनून है। तभी उनसे कहकर हमने अपने फ्लैट...
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पिछले पोस्ट में मैंने दो उपनयन गीत डाला था, कमेंट के माध्यम से भी और ईमेल के जरिए भी इन गीतो को सरल भाषा में प्रस्तुत करने का सुझाव मिला था,...
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उचित समय पर वर नहीं मिल रहा हो, तो लड़की का विवाह फूलों के गुच्छे को वर के स्थान पर रखकर कर दिया जाता है। गुजरात तथा झारखंड के कुछ हिस्सों म...
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झारखंड के आदिवासी समाज में कथा वाचन की परंपरा अब भी बनी हुई है। यहाँ पर पुरानी पीढी के लोग आज भी अपने बच्चो को कथा कहानी सुनाते हुए देखे जात...
