जनसत्ता नई दिल्ली, 31 मई 2010.
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मेरे कला और साहित्य के सफर पर एक बातचीत
एक खास बातचीत मेरे कला और लेखन के सफर की, सुरेश परिहार जी के साथ। लाइव वायर न्यूज पर। लिंक दिया हुआ है आप चाहें तो इस प्लेटफॉर्म पर इसे पढ़ ...
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पिछले पोस्ट में मैंने दो उपनयन गीत डाला था, कमेंट के माध्यम से भी और ईमेल के जरिए भी इन गीतो को सरल भाषा में प्रस्तुत करने का सुझाव मिला था,...
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उचित समय पर वर नहीं मिल रहा हो, तो लड़की का विवाह फूलों के गुच्छे को वर के स्थान पर रखकर कर दिया जाता है। गुजरात तथा झारखंड के कुछ हिस्सों म...
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झारखंड के आदिवासी समाज में कथा वाचन की परंपरा अब भी बनी हुई है। यहाँ पर पुरानी पीढी के लोग आज भी अपने बच्चो को कथा कहानी सुनाते हुए देखे जात...
ढेर सारी शुभकामनायें.
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