Wednesday, August 2, 2017

देवों को भी भाए हरा रंग सावन में


जब चारों तरफ छाई हुई हरियाली हो, किसानों के चेहरे खिले हुए हों, खेतों का रंग हरा हो, महिलाओं के हाथों की चूड़ियों और उनके कपड़ों का रंग हरा हो, रह-रहकर बारिश की बूंदों से मन भींग-भींग जाता हो, मतलब इतना खूबसूरत नजारा मानों पूरी प्रकृति श्रृंगार करके खड़ी हो तब लगता है जैसे सावन आया है। और जब पूरी प्रकृति खुश तो परमात्मा कैसे अछूते रह सकते हैं। इसलिए कहा जाता है कि देवताओं को भी भाता है हरा रंग। आगे पढ़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें। 

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